ख़ामेनेई की हत्या पर प्रधानमंत्री मौन, अमेरिकी-इजराइली 'दोस्तो' को नाराज नहीं करना चाहते:कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-03-2026
PM silent on Khamenei's assassination, doesn't want to upset US-Israeli 'friends': Congress
PM silent on Khamenei's assassination, doesn't want to upset US-Israeli 'friends': Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली "दोस्तों" को नाराज नहीं करना चाहते।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।
 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "ईरान के संवैधानिक प्रमुख अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री मौन हैं। विदेश मंत्री मौन हैं। संसद में अब तक शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है।"
 
उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही तरह से निंदा की है लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
 
कांग्रेस ने कहा कि यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान 'ब्रिक्स+' मंच का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।
 
रमेश ने कहा, "मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को, जब सत्र शुरू हुआ, शोक प्रस्ताव भी रखा गया था। अब यह हिचकिचाहट क्यों?’’
 
उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एक ‘‘कम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’’ अपने अमेरिकी और इजराइली ‘दोस्तों’ को नाराज़ करने से बचना चाहते हैं।