प्रधानमंत्री का 'उपदेश' नाकामी का सबूत, अब देश चलाना उनके बस की बात नहीं: राहुल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-05-2026
PM's 'sermons' are proof of his failure
PM's 'sermons' are proof of his failure

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से सोना नहीं खरीदने, पेट्रोल का कम उपयोग करने आदि कुछ अपील की हैं जो उनकी नाकामी का सबूत है तथा अब देश चलाना उनके बस की बात नहीं है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
 
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।"
 
उन्होंने दावा किया कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं।
 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।"
 
उन्होंने यह दावा भी किया कि देश चलाना अब ‘‘कम्प्रोमाइज्ड पीएम’’ के बस की बात नहीं।
 
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा था कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया।
 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
 
उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।