प्रधानमंत्री की मितव्ययता अपील स्वदेशी का ही आह्वान है: एसजेएम

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
PM's appeal for frugality is a call for Swadeshi: SJM
PM's appeal for frugality is a call for Swadeshi: SJM

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मितव्ययता संबंधी प्रयासों से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

एसजेएम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब मोदी ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।
 
एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा कि इन सभी उपायों का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करना है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘स्वदेशी जागरण मंच का दृढ़ विश्वास है कि प्रधानमंत्री की अपील स्वदेशी (स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं का उपयोग) का आह्वान मात्र है।’’
 
महाजन ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि आपूर्ति में व्यवधान के कारण होने वाली कमी से प्रभावी ढंग से निपटने में भी देश को मदद मिलेगी।
 
पश्चिम एशिया संघर्ष का जिक्र करते हुए महाजन ने कहा कि एसजेएम आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए आयातित तेल एवं गैस पर निर्भरता कम करने की अपील करता रहा है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की सशक्त अपील का राष्ट्रीय मानसिकता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इससे न केवल लोग पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, बल्कि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगों को भी रोजमर्रा की जरूरतों में पेट्रोलियम उत्पादों के स्थान पर नए विकल्पों की खोज करने की प्रेरणा मिलेगी।’’
 
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा उपकरणों, पवन ऊर्जा उपकरणों जैसे स्वच्छ प्रौद्योगिकी एवं हरित ऊर्जा में भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर देते हुए कहा, ‘‘एक बार जब भारत स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भर हो जाएगा, तो देश न केवल कच्चे तेल के आयात के लिए तेल उत्पादक और निर्यातक देशों पर अपनी निर्भरता कम करेगा, बल्कि सौर एवं पवन ऊर्जा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन के पुर्जे और अन्य उत्पादों के लिए चीन और अन्य देशों पर अपनी निर्भरता भी कम करेगा।’’जनमत संग्रह में मतदाताओं से पूछा गया था कि क्या एसेक्विबो को वेनेजुएला का राज्य बनाया जाना चाहिए।
 
मादुरो को तीन जनवरी को कराकास में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया था, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।
 
रोड्रिगेज ने जनमत संग्रह पर सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन अदालत से कहा कि 1966 का समझौता वेनेजुएला और गुयाना के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने गुयाना सरकार पर अदालत का रुख कर समझौते को कमजोर करने का आरोप लगाया।
 
पिछले सप्ताह सुनवाई शुरू होने पर गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूज हिल्टन टॉड ने न्यायाधीशों से कहा था कि यह विवाद “संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारे अस्तित्व पर शुरू से ही एक दाग रहा है।” उन्होंने कहा कि गुयाना का 70 प्रतिशत क्षेत्र दांव पर लगा है।