प्रधानमंत्री मोदी के 23 जनवरी को नेताजी के जयंती समारोह में भाग लेने के लिए अंडमान दौरे की संभावना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
PM Modi likely to visit Andaman to attend Netaji's birth anniversary celebrations on January 23
PM Modi likely to visit Andaman to attend Netaji's birth anniversary celebrations on January 23

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले समारोह में भाग लेने के लिए यहां आ सकते हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
 
उन्होंने कहा कि इस द्वीपसमूह के अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा नेताजी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने और सार्वजनिक संबोधन किए जाने की उम्मीद है, जहां सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को तिरंगा फहराया था।
 
उस समय नेताजी स्टेडियम को जिमखाना ग्राउंड के नाम से जाना जाता था।
 
केंद्र सरकार नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती आ रही है ताकि राष्ट्र के प्रति उनकी नि:स्वार्थ सेवा के प्रति सम्मान प्रदर्शित किया जा सके।
 
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के 23 जनवरी को नेताजी की 129वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए श्री विजय पुरम जाने की संभावना है। उनके राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सार्वजनिक भाषण देने की उम्मीद है।’’
 
उन्होंने कहा कि मोदी यहां मरीना पार्क में नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकते हैं।
 
अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के श्री विजय पुरम स्थित शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित करने और वीर सावरकर को श्रद्धांजलि देने के लिए सेलुलर जेल जाने की संभावना है।’’
 
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री क्षेत्र में जारी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए कैंपबेल बे का भी दौरा कर सकते हैं।
 
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के श्री विजय पुरम के संभावित दौरे की तैयारियां अभी प्रारंभिक चरण में हैं।’’
 
अधिकारियों के अनुसार, स्टेडियम में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर स्टेडियम में प्रस्तुति देने के लिए प्रसिद्ध गायकों को आमंत्रित करने की योजना बना रहा है।
 
प्रधानमंत्री ने नेताजी की राष्ट्र के प्रति सेवाओं को सम्मान देने के लिए दो द्वीपों- नील द्वीप का ‘शहीद’ और हैवलॉक द्वीप का ‘स्वराज’ के रूप में नामकरण किया था।