आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुफ्त रेवड़ियां बांटने के बजाय योजनाओं के जरिये लोगों को सशक्त बनाने में विश्वास रखते हैं।
गोयल ने यहां 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) के दौरान ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘पीएम कुसुम योजना’ पर आयोजित एक संगोष्ठी में कहा कि इन दोनों योजनाओं की परिकल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से की है और ये उनकी सोच को दर्शाती हैं।
गोयल ने कहा, “यह इस बात का उदाहरण है कि किस तरह व्यक्तियों को सशक्त किया जा सकता है। लोगों को सरकार पर निर्भर नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ऐसी योजनाओं में विश्वास नहीं रखते, जिनमें लोगों की भागीदारी के बिना आजीवन मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं दी जाएं।”
उन्होंने नागरिकों की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी योजना की सफलता के लिए लोगों की व्यक्तिगत हिस्सेदारी और प्रतिबद्धता जरूरी है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सूर्य घर योजना के माध्यम से नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने कहा, “सरकार घर पर बिजली उत्पादन के साधन मुहैया कराती है, जबकि लागत का एक हिस्सा व्यक्ति स्वयं वहन करता है।”
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए, जहां लोग केवल यह अपेक्षा करें कि सरकार उनसे बिजली खरीदे और उन्हें मुफ्त में उपलब्ध कराए।