आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश रखने और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ करीबी संबंध बनाए रखने की लालसा में ‘ब्रिक्स+’ अध्यक्षता के महत्व और उसकी प्रतिष्ठा को कम कर रहे हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘ब्रिक्स+’ की अध्यक्षता करते हुए भारत, पश्चिम एशिया संकट पर कोई सामूहिक बयान जारी नहीं कर पाया है।
रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘ 2025 में ब्राजील ब्रिक्स+ का अध्यक्ष था। उसने जून 2025 में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के मुद्दे पर 11 सदस्य देशों से एक संयुक्त बयान जारी करवाया था। भारत 2026 में ब्रिक्स+ की अध्यक्षता कर रहा है। लेकिन अब तक उसने अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर हवाई हमलों और लक्षित हत्याओं, तथा इसके बाद ईरान द्वारा खाड़ी देशों में गैर-सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों तथा श्रीलंका और भारत के करीब हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना की स्तब्ध करने वाली कार्रवाई पर कोई सामूहिक बयान जारी करने की न तो इच्छा दिखाई है और न ही साहस जुटाया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप को खुश रखने और बेंजामिन नेतन्याहू के साथ करीबी संबंध बनाए रखने की लालसा में प्रधानमंत्री मोदी ‘ब्रिक्स+’ अध्यक्षता के महत्व और उसकी प्रतिष्ठा को कम कर रहे हैं।"
‘ब्रिक्स+’ दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका तथा कई अन्य देशों का एक अंतरराष्ट्रीय समूह है।