हमारी पार्टी बिहार विधान परिषद का चुनाव लड़ेगी: तेज प्रताप

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 28-02-2026
Our party will contest the Bihar Legislative Council elections: Tej Pratap
Our party will contest the Bihar Legislative Council elections: Tej Pratap

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी बिहार विधान परिषद की कई सीट के लिए आगामी चुनाव लड़ेगी।
 
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए विधान परिषद के चार मौजूदा सदस्यों (एमएलसी) और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए चार सदस्येां का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो जाएगा।
 
यादव ने वैशाली में पत्रकारों से कहा, ‘‘हां, हमारी पार्टी आगामी चुनाव में कुछ एमएलसी सीट पर चुनाव लड़ेगी।’’
 
यादव को उनके पिता लालू प्रसाद ने पिछले साल 25 मई को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इससे एक दिन पहले तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर अनुष्का नामक महिला के साथ ‘‘रिश्ते में होने’’ की बात स्वीकारी थी। बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया था और दावा किया था कि उनका अकाउंट ‘‘हैक’’ हो गया था।
 
लालू प्रसाद ने भी ‘‘गैरजिम्मेदाराना व्यवहार’’ का हवाला देते हुए उनसे अपना नाता तोड़ लिया था।
 
ऐसी खबरें हैं कि चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव सितंबर या अक्टूबर में हो सकते हैं क्योंकि इन सीट पर मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल नवंबर के मध्य में समाप्त हो रहा है।
 
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत और दरभंगा शामिल हैं।
 
चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या 4,84,943 है, जबकि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 45,660 मतदाता पंजीकृत हैं।
 
विधान परिषद के जिन सदस्यों का कार्यकाल इस नवंबर में समाप्त हो रहा है, उनमें पटना स्नातक सीट से जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू) नेता नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी, कोसी स्नातक सीट से डॉ. एन.के. यादव, पटना शिक्षक सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवल किशोर यादव, दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा और तिरहुत शिक्षक सीट से संजय कुमार सिंह शामिल हैं।
 
बिहार विधान परिषद द्विसदनीय राज्य विधानमंडल का ऊपरी सदन है और इसमें 75 सदस्य हैं। एमएलसी का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, जिसमें प्रत्येक दो वर्ष में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
 
शेष सदस्यों को राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से मनोनीत किया जाता है।