भुवनेश्वर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण कई उड़ानों के रद्द होने से दुबई में फंसे ओडिशा के 35 पर्यटक आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए। राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों से इन पर्यटकों की वापसी संभव हो सकी।
अधिकारियों के अनुसार, इन पर्यटकों का एक समूह दुबई घूमने गया था, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उड़ानों के रद्द होने के कारण वे वहां फंस गए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान में बताया गया कि फंसे हुए पर्यटकों में से नौ लोग सात मार्च को केरल के कोच्चि के रास्ते भुवनेश्वर पहुंचे।
बयान के मुताबिक, शेष पर्यटक आठ मार्च को मुंबई के रास्ते ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ की विशेष उड़ान से राज्य की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे। सभी पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।
इस बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण ओडिशा के कई लोग अभी भी उस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनु गर्ग को निर्देश दिया कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखें और वहां मौजूद उडिया लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है, ताकि राज्य के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। बुधवार को विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के बीच फंसे ओडिशा के लोगों के प्रति राज्य सरकार पर्याप्त चिंता नहीं दिखा रही है।
मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और प्रताप केशरी देब द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के जरिए विधानसभा में इस विषय पर चर्चा की गई। बहस की शुरुआत बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक अरुण कुमार साहू ने की। उन्होंने सवाल उठाया कि युद्ध जैसी स्थिति में फंसे उडिया लोगों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार की क्या योजना है।
बीजद के एक अन्य सदस्य ध्रुव चरण साहू ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे ओडिशा के लोगों के परिवार गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ओडिशा विधानसभा को युद्ध रोकने की अपील करते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा होता है तो ओडिशा विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन सकती है, जो युद्ध समाप्त करने की अपील करेगी। विपक्षी विधायकों का यह भी कहना है कि हवाई सेवाएं बाधित होने के कारण खाड़ी देशों में लगभग तीन से चार लाख उडिया लोग फंसे हुए हैं। इनमें से अधिकतर लोग केंद्रपाड़ा, गंजाम और पुरी जिलों से संबंध रखते हैं।