एनटीपीसी छत्तीसगढ़ में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से एसएनजी परियोजना स्थापित करेगी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
NTPC to set up SNG project in Chhattisgarh at a cost of Rs 10,000 crore
NTPC to set up SNG project in Chhattisgarh at a cost of Rs 10,000 crore

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
एनटीपीसी छत्तीसगढ़ में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से कोयला से कृत्रिम प्राकृतिक गैस (एसएनजी) बनाने वाली सुविधा स्थापित करेगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कंपनी एसएनजी उत्पादन के तहत कोयले के शोधन और गैसीकरण जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी साझेदारों की तलाश कर रही है।
 
एनटीपीसी ने अक्टूबर 2025 में कोयले से एसएनजी बनाने के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
 
एनटीपीसी की अनुसंधान और विकास शाखा 'नेत्रा' 'कोयले को हरित बनाने जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने के तहत इस पहल का नेतृत्व कर रही है।
 
अधिकारी के अनुसार, यह परियोजना छत्तीसगढ़ के तलाईपल्ली में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की जाएगी। सालाना पांच लाख टन क्षमता वाली यह एसएनजी परियोजना 150 एकड़ में फैली होगी और इसमें एनटीपीसी की तलाईपल्ली खदानों से प्राप्त 25 लाख टन कोयले की खपत होगी।
 
अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तकनीकी पक्ष को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
 
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कंपनी एसएनजी उत्पादन के तहत कोयले के शोधन और गैसीकरण जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी साझेदारों की तलाश कर रही है।
 
एनटीपीसी ने अक्टूबर 2025 में कोयले से एसएनजी बनाने के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
 
एनटीपीसी की अनुसंधान और विकास शाखा 'नेत्रा' 'कोयले को हरित बनाने जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने के तहत इस पहल का नेतृत्व कर रही है।
 
अधिकारी के अनुसार, यह परियोजना छत्तीसगढ़ के तलाईपल्ली में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की जाएगी। सालाना पांच लाख टन क्षमता वाली यह एसएनजी परियोजना 150 एकड़ में फैली होगी और इसमें एनटीपीसी की तलाईपल्ली खदानों से प्राप्त 25 लाख टन कोयले की खपत होगी।
 
अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तकनीकी पक्ष को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।