No film was denied permission to be screened at the Keralam Documentary Festival: Centre
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि केरलम अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म महोत्सव (आईडीएसएफएफके) में किसी भी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति से इनकार नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कई फिल्में विचाराधीन हैं और विभिन्न अधिकारियों द्वारा उनकी समीक्षा की प्रतीक्षा की जा रही है।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा 18वें आईडीएसएफएफके में 31 फिल्मों को कथित तौर पर अनुमति देने से इनकार किए जाने को ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला’’ बताए जाने और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से हस्तक्षेप का आग्रह करने के बाद आया है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘18वें केरलम अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन के लिए किसी भी फिल्म की अनुमति से इनकार नहीं किया गया है। छह फिल्मों से विस्तृत सारांश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। फिल्मों के विषय के आधार पर, कुछ को समीक्षा के लिए विभिन्न क्षेत्रीय अधिकारियों के पास भेजा गया है।’’
केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि महोत्सव की आयोजक केरल राज्य चलचित्र अकादमी ने प्रमाणन आवश्यकताओं से छूट के लिए 347 फिल्में प्रस्तुत की थीं।