एनसीएपी अब नाममात्र का स्वच्छ वायु कार्यक्रम बनकर रह गया है: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-01-2026
NCAP has now become a mere clean air programme: Congress
NCAP has now become a mere clean air programme: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस ने रविवार को एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि वायु गुणवत्ता एक राष्ट्रव्यापी, संरचनात्मक संकट है जिसके लिए सरकार की प्रतिक्रिया "अत्यंत अप्रभावी और अपर्याप्त" है। विपक्षी दल ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में व्यापक सुधार की मांग की।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार जिस एनसीएपी को ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम) बताकर प्रचारित कर रही है, वह असल में एनसीएपी का ही एक और रूप यानी “नोशनल क्लीन एयर प्रोग्राम” है।
 
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) द्वारा किए गए एक नए विश्लेषण ने अब इस बात की पुष्टि कर दी है कि भारत का "सबसे खराब छिपा हुआ रहस्य" यह है कि वायु गुणवत्ता एक राष्ट्रव्यापी, संरचनात्मक संकट है जिसके लिए सरकार की प्रतिक्रिया बेहद अप्रभावी और अपर्याप्त है।
 
रमेश ने एक बयान में कहा कि उपग्रह डेटा का उपयोग करते हुए किए गए अध्ययन में पाया गया कि भारत के लगभग 44 प्रतिशत शहरों, यानी आकलन वाले 4,041 वैधानिक शहरों में से 1,787 शहर लगातार वायु प्रदूषण की गंभीर चपेट में हैं और इन शहरों में पांच वर्षों (2019-2024, 2020 को छोड़कर) के दौरान हवा में वार्षिक पीएम 2.5 का स्तर लगातार राष्ट्रीय मानकों के ऊपर बना रहा है।
 
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की अक्षमता को भी उजागर किया है। उनके मुताबिक, समस्या के विशाल पैमाने (1787 शहर) के बावजूद एनसीएपी के तहत केवल 130 शहरों को शामिल किया गया।
 
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इन 130 शहरों में से 28 शहरों में अब भी निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) मौजूद नहीं हैं।