गंगटोक
सिक्किम ने अपने राज्य बनने के 50 साल पूरे किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बड़ा संबोधन दिया। उन्होंने कांग्रेस पर सीधे आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सिक्किम के विकास को रोका। उनका कहना था कि कई प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो सकते थे। लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने उदाहरण भी दिया।
प्रधानमंत्री ने सिवोक रंगपो रेलवे लाइन का जिक्र किया। यह प्रोजेक्ट साल 2008 09 में मंजूर हुआ था। लेकिन लंबे समय तक जमीन पर कोई काम नहीं दिखा। उन्होंने कहा कि अब इस प्रोजेक्ट में तेजी आई है। पहली बार रेल लाइन सिक्किम तक पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद विकास की रफ्तार बढ़ी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब पूर्वोत्तर पर खास ध्यान दिया जा रहा है।अपने भाषण में उन्होंने एक खास शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने सिक्किम और पूर्वोत्तर को भारत की अष्टलक्ष्मी बताया। उनका मतलब था कि यह क्षेत्र देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ एक्ट ईस्ट नीति तक सीमित नहीं है। अब एक्ट फास्ट पर भी काम हो रहा है। यानी योजनाओं को जल्दी पूरा करने पर जोर है।इस कार्यक्रम में कई परियोजनाओं की शुरुआत हुई। करीब 4000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए। कुछ का उद्घाटन हुआ और कुछ की आधारशिला रखी गई। ये प्रोजेक्ट अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने सिक्किम के पर्यटन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह राज्य छोटा है लेकिन खास है। देश के कुल क्षेत्रफल का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा सिक्किम का है।फिर भी यहां जैव विविधता बहुत ज्यादा है। देश के 25 प्रतिशत से ज्यादा फूलों की प्रजातियां यहां मिलती हैं। यह बात उन्होंने खास तौर पर बताई।
उन्होंने कहा कि यहां 500 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां हैं। करीब 700 तरह की तितलियां भी मिलती हैं। घने जंगल और ऊंचे पहाड़ इस राज्य को खास बनाते हैं।उन्होंने कंचनजंगा का भी जिक्र किया। Kanchenjunga की खूबसूरती दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है। पर्यटक यहां बार बार आना चाहते हैं।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने कई जगहों का दौरा किया। उन्होंने स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क भी देखा। Swarnajayanti Maitri Manjari Park में एक आधुनिक ऑर्किड सेंटर भी है।इस सेंटर में अलग अलग किस्म के ऑर्किड दिखाए जाते हैं। यह जगह पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन रही है।
कुल मिलाकर यह दौरा विकास और राजनीति दोनों का मिश्रण रहा। एक तरफ नई योजनाएं शुरू हुईं। दूसरी तरफ पुराने कामों पर सवाल उठे।प्रधानमंत्री का संदेश साफ था। सरकार पूर्वोत्तर को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है। आने वाले समय में इसका असर और साफ दिख सकता है।