पुणे
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने शनिवार को कक्षा 12वीं (एचएससी) परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। इस वर्ष कुल 89.79 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल रहे, जो राज्य के शिक्षा स्तर को दर्शाता है। हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया।
बोर्ड के अध्यक्ष त्रिगुण कुलकर्णी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.15 रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 86.80 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह अंतर स्पष्ट करता है कि राज्य में छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियां लगातार मजबूत हो रही हैं।
इस वर्ष एचएससी परीक्षा के लिए कुल 14,44,713 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 14,33,058 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 12,86,843 छात्रों ने सफलता हासिल की। परीक्षा का आयोजन फरवरी और मार्च महीने में राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। बोर्ड ने समयबद्ध तरीके से मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित किए, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई की योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो कोंकण संभाग ने 94.14 प्रतिशत परिणाम के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस क्षेत्र के छात्रों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन की परंपरा को बनाए रखा है। दूसरी ओर लातूर संभाग 84.14 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे रहा, जो क्षेत्रीय असमानताओं की ओर इशारा करता है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
संकायवार परिणामों में विज्ञान संकाय ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। विज्ञान वर्ग का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.44 रहा, जो छात्रों की इस क्षेत्र में बढ़ती रुचि और मेहनत को दर्शाता है। इसके बाद वाणिज्य संकाय में 87.03 प्रतिशत छात्र सफल हुए। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 82.74 प्रतिशत और आईटीआई में 81.78 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की। वहीं, कला संकाय का परिणाम 78.02 प्रतिशत रहा, जो अन्य संकायों की तुलना में थोड़ा कम है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लर्निंग, बेहतर संसाधन और छात्रों की बढ़ती जागरूकता ने इस साल के परिणामों को सकारात्मक दिशा दी है। साथ ही, लड़कियों की बढ़ती भागीदारी और उनकी उपलब्धियां समाज में शिक्षा के प्रति बदलती सोच को भी दर्शाती हैं।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांचें और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन करें। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र बोर्ड का यह परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली की मजबूती को भी दर्शाता है।