Madras High Court dismisses petition against proposal to build Secretariat building
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मद्रास उच्च न्यायालय ने यहां ‘फोरशोर एस्टेट’ में नया सचिवालय बनाने के प्रस्ताव को रद्द करने के लिए तमिलनाडु सरकार को निर्देश देने के अनुरोध वाली जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की प्रथम पीठ ने वकील आर.एस. तमिलवंदन द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता सेंथिल कुमार ने कहा कि याचिकाकर्ता को समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि राज्य सरकार 1,200 करोड़ रुपये की लागत से नया सचिवालय बनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसे ‘फोरशोर एस्टेट’ में तमिलनाडु आवास प्राधिकरण की जमीन पर बनाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने दलील दी कि अगर सरकार नया सचिवालय बनाती है तो जनता के पैसे की बर्बादी होगी और क्षेत्र में रहने वाले मछुआरों के हित प्रभावित होंगे।
इस पर पीठ ने हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि क्या अदालत के पास सरकार को किसी खास जगह पर इमारत नहीं बनाने का निर्देश देने का अधिकार है।