जयपुर
भारत दर्शन के तहत कश्मीर के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने 29 जनवरी, 2026 को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से लोकभवन में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे श्रीनगर, पुलवामा, बारामूला, कुपवाड़ा के छात्र शामिल थे, जिन्होंने अपनी यात्रा और भारतीय संस्कृति से जुड़े अनुभवों को राज्यपाल के साथ साझा किया।
राज्यपाल बागडे ने इस अवसर पर कश्मीर की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की आत्मा कश्मीर है।’’ उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं और विविधताओं पर जोर देते हुए कहा कि यह संस्कृति प्रांतों की परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक धरोहरों से जुड़ी हुई है। राज्यपाल ने कहा कि भारत में विविधता में एकता है, और कश्मीर इस एकता का प्रतीक है।
राज्यपाल ने आगे कहा, ‘‘भारत की सभ्यता और संस्कृति विविधता में बसी हुई है, और कश्मीर ने इस एकता की मिसाल हमेशा दी है। भारत के विभिन्न हिस्से अपनी अलग-अलग संस्कृति और परंपराओं के साथ भारतीय सभ्यता का हिस्सा हैं, और यह कश्मीर की संस्कृति भी उसी एकता के प्रतीक के रूप में सामने आती है।’’
इस दौरान, कश्मीर से आए छात्र प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को देखने का अवसर उन्हें यात्रा के दौरान मिला। उन्होंने राज्यपाल से अपनी यात्रा के दौरान भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर और आस्था के स्थानों का भ्रमण करने के बारे में भी बात की। कश्मीर के छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि इस यात्रा से उन्हें भारतीय संस्कृति की गहरी समझ और एकता का महत्व महसूस हुआ।
कश्मीर के इन विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय संस्कृति और समृद्ध इतिहास के प्रति अपने अनुभवों और ज्ञान को साझा करने के लिए उत्साहित था। राज्यपाल बागडे ने उन्हें भारतीय सभ्यता के महत्व को समझाते हुए उनके अनुभवों को सराहा और आगे भी इस प्रकार के सांस्कृतिक आदान-प्रदान की आवश्यकता जताई।इस बैठक के दौरान कश्मीर के छात्र प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मिलने पर खुशी व्यक्त की और कहा कि यह यात्रा उनके लिए बहुत ही प्रेरणादायक रही।