Karnataka government should give Rs 50,000 per acre compensation to drought-affected farmers: BJP
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को मांग की कि कर्नाटक सरकार राज्य के उत्तरी हिस्से में कम वर्षा तथा सूखे से प्रभावित किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दे।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मानसून में देरी के कारण लाखों हेक्टेयर भूमि पर बुवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि रायचूर, कलबुर्गी और यादगीर जैसे जिलों में सामान्य से केवल लगभग 12 प्रतिशत वर्षा हुई है, जिसके कारण किसान अरहर, सूरजमुखी और कपास जैसी फसलों की बुवाई नहीं कर सके।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि विशेष रूप से उत्तर कर्नाटक और कल्याण कर्नाटक के संकटग्रस्त किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाए। राज्य सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।’’
उन्होंने दावा किया कि 30 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बुवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि वर्षा की कमी के कारण किसान गंभीर संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने हाल में बसवकल्याण के दौरे के दौरान राहत उपायों की घोषणा करने के बजाय केवल ‘फोटो खिंचवाई।’
बसवकल्याण स्थित लिंगायत समुदाय के पवित्र स्थल अनुभवा मंटपा परियोजना का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र के लोगों की बार-बार की मांग के बावजूद पिछले तीन वर्षों में इस परियोजना की उपेक्षा की है।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री से परियोजना के लिए लंबित धनराशि तत्काल जारी करने और सभी लंबित विकास कार्य पूरे कराने की मांग की।
जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनावों से पहले बीदर में भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि जिला इकाई में कोई मतभेद है तो उसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आज कोर समिति की बैठक बुलाई है। हम साथ बैठकर चर्चा करेंगे और जो भी मुद्दे होंगे, उनका समाधान करेंगे।’’
भाजपा विधायकों के कांग्रेस के साथ तालमेल कर काम करने के आरोपों को खारिज करते हुए विजयेंद्र ने कहा, ‘‘हमारे विधायकों के कांग्रेस के साथ किसी तरह के तालमेल का कोई सवाल ही नहीं है।’’