आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शुरू किया गया व्यापक तलाश अभियान सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा और इस बीच आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए एक पैराट्रूपर ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
छात्रू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था और इस दौरान वहां छिपे आतंकवादियों की गोलीबारी में आठ सैनिक घायल हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में पेड़ होने और ढलानों वाले दुर्गम इलाके में दृश्यता और आवागमन सीमित होने के कारण रविवार देर रात अभियान रोक दिया गया।
उन्होंने बताया कि घायल सैनिकों में से एक, हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात को यहां एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और सभी रैंक विशेष बलों के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने जारी अभियान त्राशी-1 के दौरान सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियान को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’
सेना ने कहा, ‘‘ हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण का सम्मान करते हैं और इस गहरे दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।’’