नई दिल्ली:
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष Malik Moatasim Khan ने मौलाना Abdullah Salim Chaturvedi की गिरफ्तारी और हिरासत में कथित दुर्व्यवहार की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मामला कानून के शासन और मानवीय गरिमा के पालन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
एक आधिकारिक बयान में मलिक मोअतसिम खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स चिंताजनक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक बयान या घृणास्पद भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि कानून का पालन निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से हो।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप चाहे कितने ही गंभीर क्यों न हों, उसे विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत न्याय मिलना चाहिए। हर नागरिक को गरिमा के साथ व्यवहार, निष्पक्ष जांच और किसी भी प्रकार की यातना या दुर्व्यवहार से सुरक्षा का अधिकार है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन न केवल व्यक्ति के अधिकारों का हनन है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा भी कमजोर होता है।
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने इस बात पर भी जोर दिया कि कानून का चयनात्मक उपयोग या किसी विशेष व्यक्ति या समूह के खिलाफ अलग तरीके से लागू किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। संगठन का मानना है कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिखाई भी देना चाहिए।
मलिक मोअतसिम खान ने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या दुर्व्यवहार हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हर कार्रवाई संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हो और किसी भी तरह की मनमानी से बचा जाए।
अंत में उन्होंने अपील की कि कानून का शासन हर हाल में कायम रखा जाए और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाते हुए सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।