आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को एक ऐसी पहल की शुरुआत की, जिसका मकसद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास को विदेश में परिसर, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग के साथ दुनिया के पहले बहुराष्ट्रीय आईआईटी के रूप में स्थापित करना है।
संस्थान के विश्व स्तरीय संकाय, उन्नत बुनियादी ढांचे और मजबूत उद्योग संबंधों पर आधारित इस पहल को ‘आईआईटीएम ग्लोबल’ नाम दिया गया है। इसका मकसद सामाजिक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
इस पहल के जरिये आईआईटी मद्रास का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप सहभागिता और शैक्षणिक सहयोग को सक्षम बनाकर अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार करना भी है।
भारत के दूसरे देशों की मदद करने के विषय पर जयशंकर ने कहा, “तंजानिया में आईआईटी मद्रास का परिसर स्थापित करना एक ऐसा उपाय है, जिसके जरिये भारतीय विदेश नीति ने यहां की एक संस्था की क्षमताओं का लाभ उठाकर व्यापक प्रभाव डाला है।”