सीडीएस चौहान ने कार निकोबार वायुसेना अड्डे पर उन्नत हवाई पट्टी का उद्घाटन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-01-2026
CDS Chauhan inaugurates upgraded airstrip at Car Nicobar Air Force Station
CDS Chauhan inaugurates upgraded airstrip at Car Nicobar Air Force Station

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारतीय वायु सेना के कार निकोबार वायुसेना अड्डे पर पुन:निर्मित एवं उन्नत हवाई पट्टी का उद्घाटन किया।
 
अधिकारियों ने बताया कि विमानों की सुगम आवाजाही के लिए एप्रन क्षेत्र (विमानों को खड़ा करने का स्थान) का विस्तार किया गया है और यह सुविधा भारतीय वायु सेना को कम से कम समय में लंबी दूरी तक कार्रवाई करने में मदद करेगी।
 
उन्होंने बताया कि उन्नत हवाई पट्टी क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान)के क्रियान्वयन में भी मदद करेगी, जिससे दूरस्थ द्वीपीय क्षेत्रों में असैन्य हवाई संपर्क में सुधार होगा।
 
अधिकारियों ने कहा कि इससे भूकंप और सुनामी संभावित क्षेत्र और आसपास के इलाकों में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में संसाधनों की त्वरित तैनाती में मदद मिलेगी, जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत क्षमता का विस्तार होगा।
 
सीडीएस पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे कार निकोबार द्वीप पहुंचे, जहां नौसेना के अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल अजय कोचर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
 
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘सीडीएस ने भारतीय वायु सेना के कार निकोबार अड्डे पर पुनर्निर्मित और उन्नत रनवे का उद्घाटन किया।’’
 
श्री विजयपुरम से लगभग 535 किलोमीटर दूर स्थित निकोबार जिले का कार निकोबार द्वीप 2004 की सुनामी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित हुआ था।
 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्नत हवाई पट्टी पूर्वी मोर्चे को और अधिक मजबूती देगी, क्योंकि इससे मलक्का जलडमरूमध्य पर सीधी रणनीतिक निगरानी की जा सकेगी। मलक्का जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों के माध्यम से ऊर्जा से जुड़ी आपूर्ति के लिए एक प्रमुख वैश्विक समुद्री मार्ग है। इससे भारतीय वायु सेना की त्वरित हवाई अभियान शुरू करने की क्षमता में भी वृद्धि होगी।’’
 
अधिकारी के मुताबिक, सीडीएस जनरल चौहान ने सुनामी स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
कमान के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘सीडीएस की यह यात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के रणनीतिक महत्व और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति पर हमारे ध्यान, साथ ही क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को उजागर करती है।’’
 
बाद में, जनरल चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की भू-रणनीतिक क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों का समर्थन करने में एएनसी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर किया।
 
सीडीएस ने अंडमान और निकोबार कमांड की परिचालन भूमिका, चल रहे बुनियादी ढांचा विकास और सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के बीच संयुक्त सेवाओं के एकीकरण के स्तर की भी समीक्षा की।