हैदराबाद
हैदराबाद में ईरान के काउंसुलेट जनरल ने कहा कि ईरान में स्थिति स्थिर और पूरी तरह नियंत्रण में है, और वहां रहने वाले या यात्रा कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए कोई खतरा नहीं है। यह जानकारी काउंसुलेट द्वारा जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
काउंसुलेट जनरल ने कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं ताकि विदेशी नागरिकों, विशेषकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित हो सके। बयान में ईरानी संविधान के अनुच्छेद 27 का हवाला देते हुए कहा गया कि नागरिकों को स्वतंत्र रूप से एकत्रित होने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। वर्तमान में ईरान में आर्थिक कारणों से चल रहे प्रदर्शन इस संवैधानिक अधिकार के तहत हो रहे हैं, जैसा कि सुप्रीम लीडर और अन्य सरकारी अधिकारियों ने 3 जनवरी 2026 को स्पष्ट किया।
काउंसुलेट ने यह भी कहा कि ये प्रदर्शन आम तौर पर शांतिपूर्ण हैं और अन्य लोकतांत्रिक देशों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों जैसे ही हैं। हालांकि, कुछ विदेशी पक्ष इन प्रदर्शनियों को राजनीतिक रंग देकर हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं और ईरानी जनता के प्रति दिखावे की सहानुभूति जताकर गलत संदेश फैला रहे हैं।
बयान में कहा गया कि संबंधित मीडिया आउटलेट्स ने झूठी जानकारी फैलाकर प्रोपेगेंडा अभियान शुरू किया है, जिसमें ईरान के रिवोल्यूशनरी लीडर के देश छोड़ने के दावे शामिल हैं। इस तरह की अफवाहें हाल ही में 12-दिन की युद्ध जैसी घटनाओं के दौरान भी फैलाई गई थीं। काउंसुलेट ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुप्रीम लीडर के देश छोड़ने संबंधी रिपोर्ट्स पूरी तरह गलत, आधारहीन और fabricated हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं। यह अमेरिकी और इज़राइली मीडिया के प्रचार का हिस्सा है।
काउंसुलेट ने कहा कि बिना पुष्टि, आधारहीन और असम्मानजनक सामग्री फैलाना पत्रकारिता की नैतिकता और पेशेवर मानकों का उल्लंघन है। उन्होंने भारतीय मीडिया की जिम्मेदार और पेशेवर भूमिका की सराहना करते हुए अनुरोध किया कि ईरान से संबंधित संवेदनशील खबरें प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।
बयान में यह भी कहा गया कि मिशन हमेशा स्पष्टीकरण और वास्तविक जानकारी देने के लिए उपलब्ध है और भारतीय मीडिया के साथ पारदर्शिता और रचनात्मक संवाद के प्रति प्रतिबद्ध है।