अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षक दिवस : भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-05-2026
International Peacekeepers Day: India reaffirms its unwavering commitment to UN peacekeeping
International Peacekeepers Day: India reaffirms its unwavering commitment to UN peacekeeping

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के प्रति अपनी ‘‘अटूट प्रतिबद्धता’’ पर जोर देते हुए यहां संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में उन शांतिरक्षकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
 
अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में भारत और ऑस्ट्रिया के स्थायी मिशन ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें शहीद शांति रक्षकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
 
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि ‘‘ये शांतिरक्षक दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संकटग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।’’
 
पर्वतनेनी ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को सलाम, जिनके अथक प्रयासों से सबसे खतरनाक परिस्थितियों में भी दुनिया भर में शांति और स्थिरता बनी रहती है। भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रखता है और इस महान लक्ष्य की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा।’’
 
भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में 4,000 से अधिक उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं, शांतिरक्षक वर्दीधारियों और आम नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने शांति के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया।
 
मिशन ने कहा कि भारत शांति अभियानों में सबसे अधिक सैन्य योगदान देने वाले देशों में से एक है। भारत ने 1948 से अब तक 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में लगभग तीन लाख सैनिक तैनात किए हैं। भारतीय मिशन ने बताया कि लगभग 184 भारतीय शांति रक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया है।
 
अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस हर वर्ष 29 मई को मनाया जाता है। इस तिथि का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि 1948 में इसी दिन सुरक्षा परिषद ने पश्चिम एशिया में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियान- संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम पर्यवेक्षण संगठन की स्थापना की थी।