Indian Coast Guard delegation participates in World Border Security Congress in Vienna
वियना, ऑस्ट्रिया
भारतीय तटरक्षक (Bharatiya Tatrakshak) के तीन सदस्यों वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने 14 से 16 अप्रैल तक वियना में आयोजित 'विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस 2026' (World Border Security Congress 2026) में भाग लिया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, सीमा पार से होने वाले खतरों और उभरती हुई तकनीकों पर "उच्च-स्तरीय चर्चाएँ" कीं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार एक पोस्ट में इस पोस्ट में आगे बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल ने भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्षेत्र में अपनाई जा रही बेहतरीन कार्यप्रणालियों (best practices) को भी प्रदर्शित किया।
इसमें कहा गया, "प्रतिनिधिमंडल ने भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही बेहतरीन कार्यप्रणालियों को प्रदर्शित किया, और इसके साथ ही राष्ट्र की, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने तथा एक सुरक्षित व सुदृढ़ वैश्विक समुद्री व्यवस्था स्थापित करने की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।" इस बीच, बुधवार को भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत (Sail Training Ship) INS सुदर्शनी ने 'लोकायन 26' (Lokayan 26) के तहत चल रही अपनी अंतर-महासागरीय तैनाती के हिस्से के रूप में मोरक्को के कैसाब्लांका बंदरगाह पर पड़ाव डाला।
एक बयान में, भारतीय नौसेना ने बताया कि इस प्रमुख बंदरगाह पर पोत का आगमन इस अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह आगमन 'MAHASAGAR' (क्षेत्र भर में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) की परिकल्पना के अनुरूप समुद्री जुड़ाव को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना के निरंतर प्रयासों को भी दर्शाता है। यह यात्रा भारत और मोरक्को के बीच द्विपक्षीय संबंधों और नौसैनिक सहयोग के और अधिक सुदृढ़ होने को भी रेखांकित करती है।
बंदरगाह पर आगमन के पश्चात, INS सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को की नौसेना के 'सेंट्रल मैरीटाइम सेक्टर' के कमांडर, कमोडोर हसन अकोली, और 'रॉयल नेवल स्कूल' के निदेशक, कमोडोर उमर नसरी से भेंट की। इस दौरान हुई चर्चाओं का मुख्य केंद्र दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और प्रशिक्षण आदान-प्रदान को बढ़ाने के नए अवसरों की तलाश करना था। बयान के अनुसार, तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान INS सुदर्शनी के चालक दल के सदस्य मोरक्को की रॉयल नेवी के कर्मियों के साथ मेल-जोल बढ़ाएंगे। इसके साथ ही वे पोत पर वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों की मेजबानी करेंगे, तथा नौसैनिक सहयोग, कूटनीतिक संबंधों और सद्भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले पेशेवर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
यह यात्रा चालक दल और प्रशिक्षुओं को बहुमूल्य अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ भारत के बढ़ते समुद्री जुड़ाव, अंतरराष्ट्रीय पहुंच और समुद्री नौकायन (ocean sailing) के क्षेत्र में उसकी दक्षता को भी उजागर करती है।
भारतीय नौसेना के चार युद्धपोत—INS तबर, INS तरकश, INS सुमेधा और INS तुशील—पूर्व में भी कैसाब्लांका का दौरा कर चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और अंतर-संचालनीयता (interoperability) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, बयान में बताया गया कि रॉयल मोरक्कन नेवी के इंस्पेक्टर, रियर एडमिरल मोहम्मद ताहिन ने भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत नवंबर 2025 में भारतीय नौसेना की दक्षिणी नौसेना कमान का दौरा किया था।