आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत का कोयला आयात नवंबर में 28.1 प्रतिशत बढ़ा, हालांकि घरेलू संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने के कारण आने वाले महीनों में इसमें गिरावट आने की उम्मीद है।
इस्पात कंपनी सेल और टाटा स्टील के संयुक्त उद्यम 'एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड' के आंकड़ों से यह जानकारी मिली, जो एक बी2बी ई-कॉमर्स मंच है।
आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2025 में आयात सालाना आधार पर बढ़कर 2.5 करोड़ टन हो गया, जो नवंबर 2024 में 1.95 करोड़ टन था।
एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक और सीईओ विनय वर्मा ने कहा, ''नवंबर में आयात की मात्रा में वृद्धि मुख्य रूप से इस्पात मिलों द्वारा सर्दियों के भंडार को फिर से तैयार करने के कारण हुई। इसके अलावा, कुछ खरीदारों ने नई पोजीशन ली क्योंकि समुद्र के रास्ते आने वाले कोयले की कीमतें कमजोर बनी हुई थीं। हालांकि, आने वाले महीनों में हम घरेलू उपलब्धता बढ़ने के कारण आयात में गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं।''
नवंबर 2025 के कुल आयात में नॉन-कोकिंग कोल का आयात 1.42 करोड़ टन रहा, जबकि एक साल पहले इसी माह में यह आंकड़ा 1.23 करोड़ टन था। समीक्षाधीन अवधि में कोकिंग कोल का आयात 65 लाख टन रहा।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-नवंबर अवधि में कोयला आयात बढ़कर 18.61 करोड़ टन हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 18.20 करोड़ टन था।