आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों सहित कुशल पेशेवरों की भर्ती एवं दोनों देशों में उनके आवागमन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमत हुए हैं।
जमैका की अपनी समकक्ष कामिना जे स्मिथ के साथ सोमवार को हुई बातचीत के बाद यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि चर्चा व्यापक थी और इसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई, साथ ही साझेदारी को गहरा करने के नए रास्ते भी तलाशे गए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए और डिजिटल परिवर्तन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल और डिजिटल भुगतान के क्षेत्रों में हाल में संपन्न हुए समझौता ज्ञापनों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की ताकि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।’’
जयशंकर ने कहा कि भारत व्यापार और निवेश के लिए कैरेबियाई क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में और साजो सामान केंद्र के रूप में जमैका की बढ़ती भूमिका को मान्यता देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यापार, व्यवसाय और निवेश संबंधों को और मजबूत करने, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों और शिक्षकों सहित कुशल पेशेवरों की भर्ती और आवागमन के लिए सहयोग के अवसरों की संभावनाओं का पता लगाने पर सहमत हुए हैं।’’
मंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटलीकरण, कृषि, शिक्षा एवं बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
विकास के क्षेत्र में सहयोग को संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बताते हुए जयशंकर ने मार्च 2026 में किटसन टाउन में ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने का जिक्र किया, जिसे भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के तहत 10 लाख अमेरिकी डॉलर की भारतीय सहायता से क्रियान्वित किया गया था। इससे 200 से अधिक व्यक्तियों को लाभ हुआ और हजारों अन्य लोग प्रभावित हुए।