राजकोट (गुजरात)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी का एक-चौथाई भाग बीत चुका है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने तेजी से प्रगति की है, और इसमें गुजरात की अहम भूमिका रही है। भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और वैश्विक अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं।”
उन्होंने भारत की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दूध उत्पादन, जेनरिक दवा और टीके के उत्पादन में अग्रणी है। मोबाइल निर्माण में भारत दुनिया का दूसरा, स्टार्टअप इकोसिस्टम, एविएशन मार्केट और मेट्रो नेटवर्क में तीसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में UPI सबसे बड़ा रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म बन चुका है।
सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के विकास पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र भूकंप, सूखा, जल संकट और बिजली की समस्याओं के बावजूद भारत की आर्थिक गति को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सौराष्ट्र और कच्छ यह सिखाते हैं कि कठिन मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करने पर सफलता अनिवार्य है।”
पीएम मोदी ने हरित विकास और ऊर्जा सुरक्षा में सौराष्ट्र और कच्छ की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कच्छ में 30 गीगावाट क्षमता का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बनाया जा रहा है, जो विश्व का सबसे बड़ा है। इसके अलावा कच्छ और जामनगर में ग्रीन हाइड्रोजन हब और विशाल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की साफ ऊर्जा योजनाएँ और औद्योगिक अवसर वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ा रही हैं। उन्होंने गुजरात के उद्योग और MSMEs का हवाला देते हुए बताया कि राजकोट में 2.5 लाख से अधिक MSMEs हैं जो स्क्रूड्राइवर्स, ऑटो पार्ट्स, मशीन टूल्स, एयरक्राफ्ट और रॉकेट पार्ट्स का उत्पादन करते हैं।
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सम्मेलन में सौराष्ट्र और कच्छ में निवेश, हरित ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, मेट्रो नेटवर्क और सौर ऊर्जा योजनाओं पर उच्चस्तरीय चर्चाएँ और सेमिनार आयोजित किए गए।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र ही इस विकास यात्रा की नींव है, और वैश्विक संस्थाएँ भारत को वैश्विक विकास का इंजन मानती हैं।






.png)