ओटावा
कनाडा में भारत के उच्चायुक्त Dinesh Patnaik ने भारत-कनाडा के बीच हाल ही में हुए सुरक्षा सहयोग समझौते को “वंडरफुल एक्शन प्लान” करार देते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच लंबित सभी प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों को संबोधित करता है।
उन्होंने बताया कि हाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval की कनाडा यात्रा के दौरान उनकी कनाडाई समकक्ष Nathalie Drouin और पब्लिक सेफ्टी मंत्री Gary Anandasangaree के साथ विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग को नई दिशा देने के लिए साझा कार्ययोजना पर सहमति बनाई।
पटनायक के अनुसार, इस एक्शन प्लान के तहत दोनों देश संपर्क अधिकारियों (लायज़न ऑफिसर्स) की नियुक्ति करेंगे, जिससे द्विपक्षीय संवाद तेज और प्रभावी होगा। खासतौर पर फेंटेनिल और उसके प्रीकर्सर की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, हिंसक उग्रवाद, अवैध आव्रजन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रियल-टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा दोनों ने समझा है कि अपने-अपने देशों को सुरक्षित रखने के लिए संवेदनशील मुद्दों पर खुला और समयबद्ध सहयोग जरूरी है। इस नई सुरक्षा व्यवस्था से आने वाले वर्षों में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग के लिए साझा कार्ययोजना को औपचारिक रूप देने पर सहमति जताई है। साइबर सुरक्षा नीति और सूचना साझा करने के क्षेत्र में भी सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाएगा। साथ ही, घरेलू कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप धोखाधड़ी और आव्रजन प्रवर्तन मामलों में सहयोग जारी रहेगा।
उच्चायुक्त पटनायक ने 26 फरवरी को कनाडाई प्रधानमंत्री Mark Carney की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया। इस दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi से होगी। दोनों देश सांस्कृतिक, रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, नवाचार, शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे।
पटनायक ने कहा कि भारत और कनाडा परस्पर पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऊर्जा, कृषि, उर्वरक और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों से समृद्ध कनाडा के साथ समझौता भारत को अपनी सप्लाई चेन को पारंपरिक स्रोतों से हटाकर विविध बनाने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देगा और भविष्य में व्यापक आर्थिक साझेदारी की राह भी खोलेगा।