पश्चिम बंगाल में जनगणना की कमान IAS रश्मि कमल को, राष्ट्रपति ने दी मंज़ूरी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 05-02-2026
In West Bengal, IAS officer Rashmi Kamal has been given charge of the census; the President has given her approval.
In West Bengal, IAS officer Rashmi Kamal has been given charge of the census; the President has given her approval.

 

नई दिल्ली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि कमल को पश्चिम बंगाल का निदेशक जनगणना कार्य (Director Census Operations) एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। इस संबंध में बुधवार देर रात एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी रश्मि कमल 14 जनवरी 2026 (दोपहर बाद) से अपना कार्यभार संभालेंगी। उनकी यह नियुक्ति केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) के तहत Central Staffing Scheme के अंतर्गत की गई है, जिसकी अवधि तीन वर्ष या अगले आदेश तक—जो भी पहले हो—मान्य होगी। उनका मुख्यालय कोलकाता में रहेगा।

लगभग दो दशकों के प्रशासनिक अनुभव के साथ रश्मि कमल राज्य में जनगणना से जुड़े तमाम कार्यों और नागरिक पंजीकरण प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगी। Director of Census Operations का कार्यालय न केवल दशकीय जनगणना (Decennial Census) के संचालन में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि नागरिकता अधिनियम से संबंधित पंजीकरण प्रावधानों के क्रियान्वयन की भी जिम्मेदारी संभालता है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब Ministry of Home Affairs (गृह मंत्रालय) Census of India 2027 की तैयारियों में जुटा हुआ है। 7 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, देशभर में हाउस-लिस्टिंग ऑपरेशन 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच शुरू होंगे। यह चरण प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तय 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा।

पिछले महीने गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 के पहले चरण—हाउस-लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस—के लिए प्रश्नावली को भी अधिसूचित किया था। इसमें कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी, जिनमें भवन की स्थिति, दीवार-छत की सामग्री, घर का उपयोग, स्वामित्व, कमरों की संख्या और परिवार के आकार जैसे विवरण शामिल हैं। इसके साथ ही घर के मुखिया से जुड़ी सामाजिक व लैंगिक जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

इसके अलावा, पेयजल, बिजली, शौचालय, स्नानघर, रसोई, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के ईंधन, इंटरनेट, मोबाइल, टीवी और वाहनों जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा डेटा भी इकट्ठा किया जाएगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल नंबर केवल जनगणना से संबंधित संचार के लिए ही लिए जाएंगे।

सरकार ने स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया है, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि के लिए लागू होगा। जनगणना 2027 दो चरणों में होगी—पहला चरण 2026 में हाउस-लिस्टिंग का और दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 में जाति गणना की जाएगी, जैसा कि 30 अप्रैल 2025 को कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने निर्णय लिया था। ऐसे में रश्मि कमल की यह नियुक्ति पश्चिम बंगाल में इस बड़े और संवेदनशील प्रशासनिक अभ्यास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।