पिछले दशक में न्यायालय ने अवमानना के कृत्यों को सामान्य बना दिया : महबूबा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-10-2026
In the last decade, the court has normalised acts of contempt: Mehbooba
In the last decade, the court has normalised acts of contempt: Mehbooba

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि न्यायपालिका मामले की कार्यवाही के दौरान “बड़ी-बड़ी टिप्पणियां” करती है, लेकिन अक्सर ऐसे फैसले सुनाती है, जो उन टिप्पणियों के विपरीत होते हैं।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की इस टिप्पणी पर कि उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए निर्वाचन आयोग के संशोधित फॉर्म छह को मंजूरी नहीं दी है, महबूबा ने कहा कि पिछले एक दशक में न्यायपालिका ने बार-बार ऐसे कृत्यों को सामान्य बना दिया है, जो अदालत की अवमानना के समान हैं।
 
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “तो क्या हुआ? पिछले दस सालों में न्यायपालिका ने बार-बार ऐसी हरकतों को सामान्य माना है, जो अदालत की अवमानना ​​के दायरे में आती हैं और बस आगे बढ़ गई है। अदालत में बड़ी-बड़ी बातें कही जाती हैं, लेकिन जब फ़ैसला सुनाने का समय आता है, तो नतीजा अक्सर उन बातों के बिल्कुल उलट होता है।”