आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि पड़ोसी देश बांग्लादेश से आए 12 अवैध प्रवासियों को वापस भेज दिया गया है।
शर्मा ने हालांकि यह नहीं बताया कि इन प्रवासियों को किस जिले में पकड़ा गया था या सीमा के किस सेक्टर से उन्हें वापस भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मिशन क्लीन अप जारी है। तड़के 12 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई और उन्हें वहीं वापस वहीं भेज दिया गया, जहां से वे आए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कई बार कह चुका हूं कि असम एक भी अवैध प्रवासी को नहीं छोड़ेगा। सब को वापस भेजा जाएगा।’’
असम मंत्रिमंडल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में आव्रजन (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 के तहत एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने को मंजूरी दी थी, ताकि जिला उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को राज्य से अवैध प्रवासियों को निष्कासित करने और पड़ोसी देशों से होने वाले अवैध प्रवासन से निपटने के लिए दिशा-निर्देश दिए जा सकें।
शर्मा ने हालांकि यह नहीं बताया कि इन प्रवासियों को किस जिले में पकड़ा गया था या सीमा के किस सेक्टर से उन्हें वापस भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मिशन क्लीन अप जारी है। तड़के 12 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई और उन्हें वहीं वापस वहीं भेज दिया गया, जहां से वे आए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कई बार कह चुका हूं कि असम एक भी अवैध प्रवासी को नहीं छोड़ेगा। सब को वापस भेजा जाएगा।’’
असम मंत्रिमंडल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में आव्रजन (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 के तहत एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने को मंजूरी दी थी, ताकि जिला उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को राज्य से अवैध प्रवासियों को निष्कासित करने और पड़ोसी देशों से होने वाले अवैध प्रवासन से निपटने के लिए दिशा-निर्देश दिए जा सकें।