IFSCA plays a vital role in making India a global hub for reinsurance: Financial Services Secretary
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) भारत को वैश्विक पुनर्बीमा केंद्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है और भारतीय बीमाकर्ताओं एवं पुनर्बीमाकर्ताओं को गिफ्ट सिटी के जरिये वैश्विक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
नागराजू ने मुंबई में आयोजित 'आईएफएससी–आईआरडीएआई–गिफ्ट सिटी वैश्विक पुनर्बीमा शिखर सम्मेलन' को संबोधित करते हुए यह बात कही।
वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, नागराजू ने कहा कि भारत का पुनर्बीमा क्षेत्र रूपांतरकारी वृद्धि के दौर में है और यह देश की समग्र आर्थिक आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि बीमा एवं पुनर्बीमा क्षेत्र भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभाने में मददगार हैं क्योंकि ये जोखिम प्रबंधन के साथ दीर्घकालिक पूंजी भी उपलब्ध कराते हैं।
वित्तीय सेवा सचिव ने 'स्विस री' की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024 में भारत कुल प्रीमियम मात्रा के आधार पर दुनिया का 10वां सबसे बड़ा बीमा बाजार बना रहा और उसकी वैश्विक हिस्सेदारी 1.8 प्रतिशत रही।
देश की 3.7 प्रतिशत जनसंख्या ही बीमा दायरे में है जिसमें जीवन बीमा 2.7 प्रतिशत और गैर-जीवन बीमा एक प्रतिशत है। बीमा घनत्व बढ़कर 97 डॉलर हो गया जो यह दर्शाता है कि बाजार में अभी भी व्यापक अवसर मौजूद हैं।