समय पर चिकित्सीय मदद मिलती तो बच जाती कई लोगों की जान: वियतनाम नौका हादसे के पीड़ित

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
if medical help had been provided on time: Vietnam boat accident victims
if medical help had been provided on time: Vietnam boat accident victims

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
वियतनाम में पर्यटकों की एक नौका के पलटने की घटना में जीवित बचे लोगों ने घटना स्थल पर समय पर चिकित्सीय तैयारी और प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर नाराजगी जताई। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई।
 
पीड़ितों ने कहा कि उन्होंने समुद्र से निकाले गए साथी यात्रियों की जान बचाने की नाकाम कोशिश में खुद ही सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया।
 
वियतनाम नौका हादसे में जीवित बचे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुल 20 पर्यटक रविवार देर रात को वियतनाम से विमान के जरिए हैदराबाद पहुंचे।
 
शनिवार को वियतनाम के ‘आन थोई पोर्ट’ लौटते समय फू क्वोक द्वीप के पास ‘होन मे रुट न्गोई’ के पास 32 भारतीय सैलानी, चालक दल के तीन सदस्य और एक सहायक को ले जा रही एक टूरिस्ट स्पीडबोट पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई और 21 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
 
राजमुंदरी के रहने वाले और एक मोबाइल कंपनी के कर्मचारी गोविंद ने द्वीप पर बिताए मुश्किल पलों के बारे में बताया। मोबाइल कंपनी ने ही उनकी इस यात्रा का आयोजन किया था।
 
गोविंद ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, ‘‘द्वीप पर कोई सही चिकित्सा टीम नहीं थी। हमें जितनी जानकारी थी उसी के हिसाब से हमने हर संभव प्रयास किया। हमने सीपीआर दिया और लोगों को जिंदा रखने की कोशिश की लेकिन कई लोगों ने हमारी आंखों के सामने ही दम तोड़ दिया। अगर प्रशिक्षित चिकित्सक, ऑक्सीजन सपोर्ट और बुनियादी आपात सुविधाएं होतीं तो उनमें से कुछ लोगों की जान बच सकती थी।’’
 
गोविंद के अनुसार, नौका पर 35 लोग सवार थे और कई लोगों को समुद्र से बचाया गया, लेकिन द्वीप पर सीपीआर देने या आपात उपचार के लिए कोई प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं था।
 
उन्होंने बताया कि नौका पलटने के तुरंत बाद नौका के चालक दल, जेट स्की संचालक और उनके समूह के लोगों ने यात्रियों को बचाने की कोशिश की। हालांकि, पेशेवर चिकित्सीय मदद बहुत देर से पहुंची।