आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा से जनता ने नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हटाया गया और एक बार फिर निचले सदन में वापसी का संकल्प जताया।
एक समाचार चैनल के ‘पॉडकास्ट’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा कि उनका कार्यकाल बीच में ही समाप्त कर दिया और उन्हें "अपमानित किया गया व पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत (लोकसभा से) हटाया गया। इसी कारण मैं एक बार फिर जनता के बीच जाऊंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कहां से चुनाव लड़ूंगा, इसका फैसला जनता करेगी। मेरी कोशिश रहेगी कि भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ूं। यदि पार्टी टिकट नहीं देती है तो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा। लेकिन यदि जिंदा रहा तो चुनाव जरूर लड़ूंगा।’’
अयोध्या में राम मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम का आमंत्रण न मिलने पर उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें न्योता नहीं दिया गया, जिसका हमेशा दुख रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन के असली कारसेवकों को नजरअंदाज किया गया, जबकि जिनका कोई योगदान नहीं था, उन्हें आमंत्रित किया गया।
भाजपा नेता ने कहा कि वह अब तक रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए हैं और जब जाएंगे तो आम आदमी की तरह कतार में लगकर दर्शन करेंगे।
अपने ऊपर लगे आरोपों के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया जिसे वह कभी नहीं भूलेंगे।