नई दिल्ली
भारतीय वायु सेना (IAF) ने 7 मई से 10 मई तक नई दिल्ली में 88 घंटे का 'ऑपरेशन सिंदूर स्मारक दौड़' (Operation Sindoor Commemorative Run) आयोजित किया। यह आयोजन IAF द्वारा किए गए 88 घंटे के सफल हवाई अभियानों की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में था, जिसने निर्णायक और सटीक हमले करने की उसकी क्षमता को प्रदर्शित किया था। रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस आयोजन में भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना की सभी कमानों से कुल 600 धावकों ने भाग लिया।
इस आयोजन को 7 मई को सुबह 01:05 बजे इंडिया गेट से 'एयर ऑफिसर इन चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन' (AOA) द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू किया गया, और 10 मई को शाम 5:00 बजे एयर फोर्स स्टेशन नई दिल्ली (AFND) में 'चीफ ऑफ द एयर स्टाफ' (CAS) द्वारा समापन झंडी दिखाकर इसे समाप्त किया गया। यह दौड़ 88 घंटे तक लगातार रिले प्रारूप में आयोजित की गई थी, जिसमें नागरिक अधिकारियों ने आयोजन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागरिक स्वयंसेवकों ने भी इस दौड़ में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौड़ का मार्ग दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरा, जिसमें इंडिया गेट, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, एयर मुख्यालय वायु भवन, नेहरू पार्क और न्यू मोती बाग रोड शामिल थे, और अंत में यह एयर फोर्स स्टेशन नई दिल्ली पर समाप्त हुई।
इस दौड़ का उद्देश्य IAF कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द (esprit de corps) को बढ़ावा देना था, साथ ही भारतीय रक्षा बलों की सार्वजनिक पहुंच और दृश्यता को बढ़ाना था।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि "ऑप सिंदूर स्मारक दौड़" का सफल आयोजन न केवल भारतीय वायु सेना के परिचालन इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को श्रद्धांजलि थी, बल्कि यह सार्वजनिक जुड़ाव के माध्यम से हासिल किए गए बेहतरीन टीमवर्क का भी एक प्रमाण था, जिसने भारतीय वायु सेना के आदर्शों को प्रदर्शित किया। संबंधित गतिविधियों के एक हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना के जैज़ बैंड ने भी 10 मई को नेहरू पार्क में सीधा (लाइव) प्रदर्शन किया।