Human trafficking is taking new forms in Nagaland, linked to cybercrime and money laundering: Officials
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नगालैंड सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य अब भी मानव तस्करी का प्रमुख स्रोत, पारगमन मार्ग और गंतव्य बना हुआ है।
अधिकारी ने चेतावनी दी कि यह अपराध अब साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और बंधुआ मजदूरी से जुड़कर नया रूप ले रहा है।
समाज कल्याण विभाग के सचिव और प्रशासनिक प्रमुख लिमावाबांग जमीर ने यह भी बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के दौरान राज्य भर में ‘मिशन शक्ति’ के तहत संचालित केंद्रों ने लैंगिक हिंसा और उससे जुड़ी समस्याओं के 178 मामलों को संभाला।
जमीर ने ‘मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस’ के मौके पर यहां राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में ‘मिशन शक्ति’ के कर्मचारियों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा कि नगालैंड में मानव तस्करी पहले बच्चों से घरेलू काम कराने, व्यावसायिक यौन शोषण के लिए तस्करी और मुफ्त शिक्षा की आड़ में बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने जैसे रूपों में सामने आती रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि तस्करी अब साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, धन शोधन, व्यावसायिक यौन शोषण और जबरन मजदूरी जैसे नए रूप ले रही है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से कमजोर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
‘मिशन शक्ति’ के काम का जिक्र करते हुए जमीर ने बताया कि ‘वन स्टॉप सेंटर’ ने लैंगिक हिंसा के 125 मामलों को संभाला, जबकि ‘महिला हेल्पलाइन-181’ ने इस साल अप्रैल और जून के बीच 53 मामलों को संभाला, जिनमें लैंगिक हिंसा और फोन के जरिये जानकारी मांगे जाने से जुड़े मामले शामिल थे।
उन्होंने कहा कि छह जिलों में संचालित ‘शक्ति सदन’ घरेलू हिंसा और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से जुड़े मामलों के पीड़ितों के साथ-साथ संकट में फंसी अन्य कमजोर महिलाओं को आश्रय प्रदान कर रहे हैं।