आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
'भूल भुलैया' और 'हेरा फेरी' जैसी सफल फिल्मों सहित 45 मलयालम और 25 हिंदी फिल्मों का निर्देशन कर चुके प्रियदर्शन का कहना है कि बॉलीवुड में किसी एक फिल्म के सफल हो जाने पर निर्देशक एवं निर्माता उसी प्रकार की फिल्में बनाने लगते हैं।
प्रियदर्शन से साथ ही कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास कॉमेडी में अब कुछ नया करने को नहीं बचा है।
मलयालम और बॉलीवुड फिल्म उद्योग में काम करने वाले निर्देशक प्रियदर्शन ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में इन दोनों उद्योगों के बीच मूलभूत अंतर पर बात की।
प्रियदर्शन ने कहा, "हिंदी सिनेमा की एक पुरानी आदत है जो वर्षों से बरकरार है...उन दिनों से लेकर, जब कहानियां भाइयों के बिछड़ने और सालों बाद फिर मिलने के इर्द-गिर्द घूमती थीं। अब भी हिंदी फिल्मों में यदि कोई फिल्म सफल हो जाती है तो हर निर्माता उसी तरह की फिल्में बनाने की कोशिश करता है। दर्शकों के उनसे ऊब जाने पर कोई नयी कहानी लेकर आता है। इसके बाद फिर सभी उसी तरह की फिल्मों के पीछे भाग पड़ते हैं।"