हिमाचल सरकार ने लोक अदालतों के ज़रिए 6.81 लाख राजस्व मामलों का निपटारा किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-09-2026
Himachal Govt clears 6.81 lakh revenue cases via Lok Adalats
Himachal Govt clears 6.81 lakh revenue cases via Lok Adalats

 

शिमला (हिमाचल प्रदेश) 

पूरे राज्य में रेवेन्यू लोक अदालतें और स्पेशल रेवेन्यू लोक अदालतें आयोजित करके 5,44,000 से ज़्यादा म्यूटेशन केस, 47,333 बंटवारे के केस और 63,000 सीमांकन (demarcation) केस निपटाए गए हैं। इसके अलावा, रेवेन्यू रिकॉर्ड में 26,288 सुधार भी किए गए हैं। अक्टूबर 2023 से, रेवेन्यू से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए हर महीने के आखिरी दो दिनों में तहसील और सब-तहसील मुख्यालयों पर रेवेन्यू लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं। बंटवारे और रेवेन्यू सुधार से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए जनवरी 2026 से हर हफ़्ते तीन दिन - मंगलवार, बुधवार और गुरुवार - को स्पेशल रेवेन्यू लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं।
 
लोगों से इन अदालतों को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिससे उन्हें अपने पेंडिंग रेवेन्यू मामलों को तेज़ी से सुलझाने के लिए एक सुविधाजनक और असरदार प्लैटफ़ॉर्म मिल रहा है। राज्य सरकार की इस पहल से रेवेन्यू मामलों के पेंडिंग रहने की संख्या में काफ़ी कमी आई है और यह भी सुनिश्चित हुआ है कि लोगों को रेवेन्यू ऑफ़िस के बार-बार चक्कर लगाए बिना समय पर राहत मिले।
 
इस पहल से खास तौर पर ग्रामीण और दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों को फ़ायदा हुआ है, जिन्हें ज़मीन से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए बार-बार रेवेन्यू ऑफ़िस जाने में काफ़ी समय और पैसा खर्च करना पड़ता था। एक तय समय-सीमा में मामलों को सुलझाने के लिए प्लैटफ़ॉर्म देकर, इन अदालतों ने ज़मीन मालिकों का कीमती समय और पैसा दोनों बचाने में मदद की है। जनता से मिल रहा ज़बरदस्त रिस्पॉन्स इस नागरिक-केंद्रित पहल में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
 
रेवेन्यू लोक अदालतें ज़रूरी सुधार और ज़मीन से जुड़े विवादों को सुलझाकर रेवेन्यू रिकॉर्ड की क्वालिटी और सटीकता को बेहतर बनाने में भी मदद कर रही हैं। इस तरह, यह पहल रेवेन्यू प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूत कर रही है और साथ ही लोगों के लिए जीवन को आसान बना रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह और परेशानी-मुक्त प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि रेवेन्यू मामले सीधे परिवारों और ज़मीन मालिकों के हितों से जुड़े होते हैं और इसलिए, उन्हें समय पर सुलझाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू लोक अदालतों के ज़रिए निपटाए गए मामलों की बड़ी संख्या पेंडिंग मामलों को कम करने और लोगों को उनकी सुविधा के अनुसार राहत देने के सरकार के संकल्प को दिखाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे सुधार और सिस्टम लागू करना जारी रखेगी जिनसे सरकारी सेवाएँ तेज़, आसान और ज़्यादा सुलभ हो सकें।
 
उन्होंने कहा कि इसका मकसद यह पक्का करना है कि लोगों को अपने जायज़ कामों को पूरा करवाने के लिए बार-बार सरकारी दफ़्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और न ही फ़ालतू पैसे और समय खर्च करना पड़े। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से राज्य में लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने, पारदर्शिता लाने और लोगों पर केंद्रित शासन व्यवस्था को मज़बूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।