आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विक्रम दुरईस्वामी ने ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में इस सप्ताह अपना कार्यकाल पूरा किया और अब वह बीजिंग रवाना होंगे, जहां वह चीन में भारत के नए राजदूत के रूप में पदभार संभालेंगे।
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय में हिंद-प्रशांत मामलों की मंत्री सीमा मल्होत्रा ने लंदन में तीन वर्ष से अधिक के दुरईस्वामी के कार्यकाल के दौरान भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय साझेदारी को ‘‘नयी ऊंचाई’’ पर ले जाने में उनकी भूमिका की सराहना की।
ब्रिटिश-भारतीय मंत्री ने पिछले वर्ष द्विपक्षीय संबंधों की प्रमुख उपलब्धियों में भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल निष्कर्ष तक पहुंचाने में दुरईस्वामी के ‘‘शांत स्वभाव’’ और आकर्षक व्यक्तित्व का विशेष उल्लेख किया।
हाल ही में लंदन में आयोजित विदाई समारोह में मल्होत्रा ने कहा, ‘‘आपने (दुरईस्वामी ने) हमारे देशों के बीच साझेदारी को नए स्तर पर पहुंचाया। मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में आपने अहम भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि इस समझौते के रास्ते में आने वाली हर चुनौती का समाधान हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपके कार्य ने ब्रिटेन-भारत इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग ब्रिज के जरिए नए निवेश के रास्ते खोले हैं। ये मजबूत नींव आने वाले वर्षों में भी हमारी कहानी, हमारे रिश्तों और एक-दूसरे के देशों में निवेश को आगे बढ़ाती रहेगी... बीजिंग का लाभ, लंदन की हानि होगी।’’
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1992 बैच के अधिकारी दुरईस्वामी मंदारिन भाषा में पारंगत हैं। इससे पहले वह सितंबर 1996 से लगभग चार वर्षों तक बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में तैनात रह चुके हैं।