आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्से में बुधवार को गहरे दबाव के तट के करीब पहुंचने के कारण भारी बारिश हुई, जिसके चलते अधिकारियों ने कम से कम 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ओडिशा में मंगलवार से हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में सुबह 8.30 बजे तक कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इसी जिले के जयपुर में 161 मिलीमीटर बारिश हुई।
उन्होंने बताया कि राज्य में 16 से अधिक स्थानों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटे से पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा था। सुबह 8.30 बजे यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 60 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 140 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण और पुरी से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था।
दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन संभावित गजपति जिले के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों समेत 3,500 लोगों को चक्रवात केंद्रों और अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्हें पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका वाले 140 इलाकों की पहचान की है और इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा और नबरंगपुर जिलों में घरों में बारिश का पानी घुसने, पेड़ों के उखड़ने, मकानों के ढहने और पहाड़ियों से कीचड़युक्त पानी नीचे आने की खबरें हैं।