दीर्घकालिक त्रासदी साबित होने वाली हैं ग्रेट निकोबार परियोजनाएं: रमेश

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
Great Nicobar projects will prove to be a long-term disaster: Ramesh
Great Nicobar projects will prove to be a long-term disaster: Ramesh

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को दावा किया कि सरकार ने ग्रेट निकोबार से जुड़ी परियोजनाओं को जिस "लालच और नासमझी" के चलते जल्दबाज़ी में मंजूरी दी है, वह पूरे इलाके के लिए एक ख़तरनाक और दीर्घकालिक त्रासदी साबित होने वाली है।
 
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "ग्रेट निकोबार जैसे पारिस्थितिकी रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में सरकार ने विकास के नाम पर हज़ारों करोड़ रुपये की आक्रामक परियोजनाओं को जिस लालच और नासमझी के चलते जल्दबाज़ी में मंजूरी दी है, वह पूरे इलाके के लिए एक ख़तरनाक और दीर्घकालिक त्रासदी साबित होने वाली है।"
 
उन्होंने दावा किया कि ये परियोजनाएं न सिर्फ़ वहां की संवेदनशील पारिस्थितिकी को अपूरणीय नुकसान पहुँचाएंगी, बल्कि आदिवासी समुदायों के अस्तित्व को भी योजनाबद्ध तरीके से हाशिये पर धकेलेंगी।
 
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने ग्रेट निकोबार से संबंधित एक संकलन का उल्लेख करते हुए कहा, "यह पूरा इलाका पहले से ही जलवायु आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जहां प्राकृतिक संतुलन से ज़रा-सी भी छेड़छाड़ विनाशकारी परिणाम ला सकती है। इसके बावजूद सरकार ने चेतावनियों, वैज्ञानिक आकलनों और स्थानीय वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ करते हुए चंद कॉरपोरेट समूहों के मुनाफ़े के लालच में इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है।"
 
उन्होंने कहा, "पंकज सेखसरिया द्वारा संकलित “ग्रेट निकोबार: कहानी विश्वासघात की” कई शोधपरक, तथ्यात्मक और प्रासंगिक लेखों के माध्यम से इस पूरे मामले में सरकार की भूमिका, नीतिगत लापरवाहियों और आदिवासी अधिकारों के साथ किए जा रहे समझौतों की समीचीन पड़ताल करती है। यह संकलन इस बात का जीता-जागता दस्तावेज़ी साक्ष्य है कि कैसे विकास के नाम पर एक पूरे क्षेत्र और उसके लोगों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है।"