नयी दिल्ली
गोवा के एक नाइटक्लब में हुए भीषण अग्निकांड के पीड़ितों के परिजनों ने रविवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। उनका कहना था कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता।
प्रदर्शन में शामिल परिजनों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही का मामला है।
पीड़ितों के परिजनों ने नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि क्लब में न तो पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे। इसी लापरवाही के कारण आग लगने के बाद वहां मौजूद लोग सुरक्षित बाहर नहीं निकल सके।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 6 दिसंबर को गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइटक्लब में उस समय आग लग गई थी, जब वहां एक डांस पार्टी चल रही थी। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 50 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था और गोवा सरकार पर भी सवाल उठे थे।
जानकारी के अनुसार, घटना के कुछ ही घंटों बाद नाइटक्लब के मालिक देश छोड़कर थाईलैंड चले गए थे। हालांकि, बाद में भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई के तहत 17 दिसंबर को उन्हें भारत वापस लाया गया। फिलहाल दोनों आरोपी गोवा पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और तेज सुनवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिले और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।