गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने जगद्गुरु सतीशाचार्य से मुलाकात की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 15-10-2026
Goa CM Pramod Sawant meets Jagadguru Satishacharya
Goa CM Pramod Sawant meets Jagadguru Satishacharya

 

पणजी (गोवा) 

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गुरुवार को आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु सतीशacharya जी महाराज से मुलाकात की। आध्यात्मिक गुरु के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सतीशacharya जी महाराज और गोवा के मुख्यमंत्री के बीच हुई इस मुलाकात की कुछ झलकियां साझा की गईं। पोस्ट में कहा गया है कि इस तरह की प्रेरणादायक मुलाकातें सनातन परंपरा की गरिमा को बढ़ाती हैं और संतों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करती हैं। पोस्ट में लिखा गया, "परम पूज्य जगद्गुरु स्वामी सतीशacharya जी महाराज और गोवा के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत जी के बीच हुई यह विशेष मुलाकात आध्यात्मिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और आपसी सम्मान की एक सुंदर झलक पेश करती है। ऐसी प्रेरणादायक मुलाकातें हमारी सनातन परंपरा की गरिमा और संतों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।"
 
जगद्गुरु सतीशacharya जी महाराज कानपुर के कल्याणपुर स्थित परमेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं। वे सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक जागृति और भारतीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं। वे वैदिक ज्ञान, गौ-संरक्षण, आयुर्वेद, ध्यान, योग और आध्यात्मिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए भी प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने और वैश्विक स्तर पर हिंदू संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ सतीशacharya जी महाराज की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसने इंटरनेट पर लोगों के बीच इस आध्यात्मिक गुरु और उनकी पृष्ठभूमि के बारे में काफी उत्सुकता जगा दी है।
 
इस वायरल तस्वीर में पेजेशकियान को पीले वस्त्र पहने आध्यात्मिक गुरु से मिलते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर के बाद इंटरनेट पर कई तरह के दावे और चर्चाएं शुरू हो गईं, जिससे सतीशacharya जी महाराज और प्रमुख हस्तियों के साथ उनकी हालिया सार्वजनिक मुलाकातों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों सहित कई प्रमुख लोगों के साथ उनकी हालिया मुलाकातों ने उन्हें और अधिक चर्चा में ला दिया है।
 
उनके नेतृत्व में, 'विकसित भारत के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण' पर केंद्रित सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज को भारतीय संस्कृति, धर्म और नैतिक मूल्यों से फिर से जोड़ना है। उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आकर्षित किया है, जिनमें राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी शामिल हैं।