GIFT IFSC: विकसित भारत का ग्लोबल बैंकिंग हब

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-09-2026
GIFT IFSC strengthens role as international banking hub, sees bigger role in Viksit Bharat funding
GIFT IFSC strengthens role as international banking hub, sees bigger role in Viksit Bharat funding

 

नई दिल्ली 
 
GIFT IFSC एक इंटरनेशनल फाइनेंशियल और बैंकिंग सेंटर के तौर पर अपनी भूमिका मज़बूत कर रहा है। GIFT सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप CEO संजय कौल ने ANI के साथ एक खास इंटरव्यू में कहा कि जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, विदेशी पूंजी जुटाने की इसकी क्षमता और भी अहम होती जाएगी। हाल के हफ़्तों में इस फाइनेंशियल सेंटर में विदेशी फंड जुटाने का काम तेज़ी से हुआ है। RBI द्वारा भारत के लिए विदेशी पूंजी जुटाने का रास्ता खोलने के बाद बैंकों ने GIFT IFSC के ज़रिए लगभग 54.2 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। कौल ने इंटरव्यू में बताया कि कुल रकम में से लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर 14 अगस्त से 31 अगस्त के बीच जुटाए गए।
 
कौल ने कहा कि फंड जुटाने की यह बात सिर्फ़ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह GIFT IFSC की बढ़ती भूमिका को भी दिखाती है, जो एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर काम कर रहा है जिसके ज़रिए ग्लोबल फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन (वित्तीय मध्यस्थता) हो सकता है। उन्होंने कहा कि GIFT IFSC के विकास के पहले चरण में रेगुलेटरी फ़्रेमवर्क बनाना, इकोसिस्टम में और संस्थाओं को लाना और मार्केट में गहराई (मार्केट डेप्थ) पैदा करना शामिल था। अब ध्यान इसे ग्लोबल स्तर पर फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन के सेंटर के तौर पर स्थापित करने पर है।
 
जैसे-जैसे भारत की फ़ाइनेंसिंग ज़रूरतें बढ़ेंगी, यह और भी अहम हो सकता है। कौल का अनुमान है कि 'विकसित भारत 2047' विज़न के लिए लगभग 10-15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की फ़ंडिंग की ज़रूरत होगी, जिससे देश के लिए अपने घरेलू फाइनेंशियल सिस्टम के साथ-साथ पूंजी के ग्लोबल स्रोतों का इस्तेमाल करना ज़रूरी हो जाएगा। कौल ने कहा, "जब तक आपके पास ऐसे चैनल या प्लेटफ़ॉर्म नहीं होंगे जिनसे देश के भीतर के कामों के लिए फंड जुटाया जा सके, तब तक उन फंड्स को जुटाना एक चुनौती होगी।"
 
उन्होंने कहा कि GIFT IFSC ऐसा ही एक ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म देता है, जिससे इंटरनेशनल बचत को भारत में लाया जा सकता है। कौल के मुताबिक, इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने स्थापित घरेलू बाज़ारों के अलावा एक और फाइनेंशियल विकल्प मिलता है।
 
उन्होंने कहा कि हाल ही में फंड जुटाने का काम GIFT IFSC इकोसिस्टम में बढ़ते भरोसे को भी दिखाता है। उन्होंने इसका श्रेय इसके रेगुलेटरी फ़्रेमवर्क, स्थिर गवर्नेंस और नीतियों में निरंतरता को दिया। कौल ने कहा, "ग्लोबल मार्केट अब GIFT IFSC के इकोसिस्टम पर भरोसा करते हैं।"
 
कौल ने कहा कि GIFT IFSC भारत के फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन रहा है और ग्लोबल स्रोतों से फंड जुटाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ, सेंटर का लक्ष्य सिर्फ़ भारत की फ़ंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने से आगे बढ़कर ग्लोबल फाइनेंशियल फ़्लो को आसान बनाने का भी होना चाहिए। कौल ने कहा कि GIFT IFSC निकट भविष्य में वैश्विक स्तर पर वित्तीय मध्यस्थता की दिशा में आगे बढ़ सकता है।