Former MP Vinayak Raut gets anticipatory bail in case filed on daughter-in-law's complaint
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के ठाणे की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (उबाठा) नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत, उनके बेटे गितेश तथा परिवार के तीन अन्य सदस्यों को घरेलू हिंसा और काला जादू विरोधी कानून के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दे दी है।
यह मामला विनायक राउत की बहू और गितेश राउत की पत्नी गिरिजा राउत की शिकायत पर ठाणे के कपूरबावड़ी थाने में दर्ज किया गया था।
गिरिजा ने अपनी शिकायत में पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, वैवाहिक दुर्व्यवहार तथा प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें महाराष्ट्र काला जादू विरोधी कानून का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से तंत्र-मंत्र संबंधी गतिविधियों में जबरन शामिल किया गया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस. पी. अग्रवाल ने शुक्रवार को विनायक राउत, उनके बेटे गितेश, उनकी पत्नी शमाल तथा अन्य आरोपियों सुरेखा राजेश सरफारे एवं राजेश नारायण सरफारे की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
गिरिजा की शिकायत के बाद कपूरबावड़ी थाने में भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र मानव बलि एवं अन्य अमानवीय, दुष्ट तथा अघोरी प्रथाओं और काला जादू उन्मूलन अधिनियम, 2013 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 2018 से 2022 के बीच अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां हुई थीं, लेकिन इन चार वर्ष के दौरान उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।