For the first time in Uttar Pradesh, treatment of urethral stricture using lab-grown cells
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लखनऊ के एक अस्पताल ने प्रयोगशाला में तैयार कोशिकाओं का उपयोग करके 30 वर्षीय एक व्यक्ति का मूत्र नली के संकुचन (यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर) का सफल उपचार किया है और दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ‘‘पहली बार इस तरह की प्रक्रिया’’ को सफलतापूर्वक किया गया है।
अस्पताल के अनुसार, लखनऊ निवासी मरीज की मूत्र नली में तीन सेंटीमीटर लंबा संकुचन था, जिसे ‘बल्बर यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर’ कहा जाता है।
चिकित्सकों ने सोमवार को दावा किया कि कोशिका आधारित यह तकनीक कुछ चुनिंदा मरीजों के लिए पारंपरिक शल्य चिकित्सा का कम पीड़ादायक विकल्प बन सकती है।
चिकित्सकों ने बताया कि आमतौर पर ऐसे मरीजों का ‘बकल म्यूकोसा ग्राफ्ट यूरेथ्रोप्लास्टी’ (बीएमजीयू) किया जाता है जिसमें गाल के अंदर से ऊतक (टिश्यू) लेकर उसका इस्तेमाल मूत्र नली के संकुचित हिस्से को ठीक करने में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य विकल्प ‘एंडोस्कोपिक यूरेथ्रोटॉमी’ है, जिसमें समस्या दोबारा होने का खतरा रहता है और कुछ मामलों में लंबे समय तक मरीज को खुद ही कैथेटर डालना पड़ सकता है।
नयी प्रक्रिया में चिकित्सकों ने मरीज के गाल से 10 मिलीमीटर गुणा पांच मिलीमीटर का एक छोटा ऊतक नमूना लिया और उसे पुणे की एक विशेष प्रयोगशाला में भेजा।
अस्पताल के अनुसार, दो सप्ताह में इस नमूने से करीब 50 लाख जीवित कोशिकाएं तैयार की गईं। चूंकि ये कोशिकाएं केवल 72 घंटे तक जीवित रह सकती थीं, इसलिए उन्हें तापमान नियंत्रित ‘कोल्ड चेन’ के जरिए लखनऊ लाया गया।
इसके बाद इन कोशिकाओं को द्रव थ्रोम्बिन के साथ मिलाया गया और संकुचन वाले हिस्से में छोटा चीरा लगाकर एंडोस्कोपी के माध्यम से वहां पहुंचाया गया। इसका उद्देश्य कोशिकाओं को घाव से जुड़ने और ऊतक के पुनर्निर्माण में मदद करना था, ताकि दोबारा निशान बनने की आशंका भी कम हो सके।
लखनऊ के अपोलोमेडिक्स अस्पताल में यूरोलॉजी और किडनी प्रतिरोपण विभाग के निदेशक एवं प्रमुख डॉ. मयंक मोहन अग्रवाल ने कहा, ‘‘पूरी शल्य प्रक्रिया केवल 15-20 मिनट में पूरी हो गई। हमें मुंह में कोई बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी और न ही अंडकोष के नीचे यानी शरीर के निचले हिस्से में कोई चीरा लगाया गया, जैसा कि बीएमजीयू में किया जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस नयी तकनीक में नली को केवल एक सप्ताह बाद हटा दिया जाएगा।’’