Folk singer Neha Singh Rathore's statement was not recorded in the case of her comment on the Pahalgam terror attack.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी करने के संबंध में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का बयान सोमवार को दर्ज नहीं किया जा सका। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नेहा को लखनऊ के हजरतगंज थाने में अपना बयान दर्ज कराना था, लेकिन जांच अधिकारी (आईओ) की अनुपलब्धता के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘मैं इस मामले का जांच अधिकारी (आईओ) हूं। मैं उनका (नेहा सिंह राठौर का) बयान लूंगा। चूंकि मैं थाने से बाहर हूं, इसलिए थाने पहुंचने पर उनका बयान दर्ज किया जाएगा।”
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार (सात जनवरी) को नेहा को पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी।
नेहा ने सोशल मीडिया पोस्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के संबंध में कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा को निशाना बनाया था।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल शरदचंद्र चांदुरकर की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया था और कहा था कि नेहा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उच्चतम न्यायालय ने नेहा को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने और जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया था।
इससे पहले, पिछले साल पांच दिसंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने लोक गायिका की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि प्राथमिकी रद्द करने की याचिका खारिज करने वाली पिछली पीठ के निर्देशों के बावजूद राठौर ने जांच में सहयोग नहीं किया।