विदेश मंत्री एस. जयशंकर फ्रांस और लक्ज़मबर्ग की छह दिवसीय यात्रा पर, वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 04-01-2026
External Affairs Minister S. Jaishankar is on a six-day visit to France and Luxembourg, where he will discuss global issues.
External Affairs Minister S. Jaishankar is on a six-day visit to France and Luxembourg, where he will discuss global issues.

 

नयी दिल्ली,

विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार को फ्रांस और लक्ज़मबर्ग की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह यात्रा कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है।

फ्रांस की राजधानी पेरिस में विदेश मंत्री जयशंकर फ्रांसीसी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे। इस दौरान उनकी फ्रांस के विदेश मंत्री जां नोएल बारो के साथ विस्तृत बातचीत होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन वार्ताओं में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के सहयोग की दिशा तय की जाएगी। इसके साथ ही दोनों नेता वैश्विक महत्व के समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

जयशंकर की फ्रांस यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई घटनाक्रमों को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सैन्य अभियान में पकड़े जाने की खबरों के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल देखी जा रही है। इन परिस्थितियों में भारत और फ्रांस के बीच विचारों का आदान-प्रदान अहम माना जा रहा है।

विदेश मंत्री की यह यात्रा अगले महीने प्रस्तावित फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति मैक्रों भारत में आयोजित होने वाले एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी में पेरिस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने की थी।

पेरिस प्रवास के दौरान जयशंकर 31वें फ्रेंच एंबेसडर्स कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे, जहां वह वैश्विक कूटनीति और भारत की विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।

फ्रांस के बाद विदेश मंत्री लक्ज़मबर्ग जाएंगे। वहां वह ग्रैंड डची ऑफ लक्ज़मबर्ग के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। इन चर्चाओं में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा जयशंकर लक्ज़मबर्ग में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे और उनसे संवाद करेंगे।