चाईबासा (झारखंड)
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में जंगली हाथी के लगातार हमलों से भारी जनहानि हुई है। बीते दो दिनों में हाथी के अलग-अलग हमलों में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
चाईबासा वन प्रमंडल के वन अधिकारी आदित्य नारायण ने बताया कि एक उग्र जंगली हाथी पिछले कुछ दिनों से मानव बस्तियों के आसपास घूम रहा था और लोगों पर हमला कर रहा था। मंगलवार देर रात यह हाथी नोआमुंडी और हटगामारिया थाना क्षेत्रों में घुस आया, जहां उसने छह लोगों को कुचलकर मार डाला।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इससे एक दिन पहले भी इसी हाथी ने गोईलकेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोल्हान वन क्षेत्र में बड़ा हमला किया था। उस हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल सात लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी। मृतकों में 25 वर्षीय एक युवक और उसके दो छोटे बच्चे भी शामिल थे। लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने हाथी को नियंत्रित करने और उसे सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले से प्रशिक्षित विशेषज्ञों समेत वन अधिकारियों की विशेष टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और गश्ती दलों की मदद भी ली जा रही है।
हाथी की आवाजाही के चलते क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में छह जोड़ी यात्री रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।
प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लोगों से रात के समय घरों से बाहर न निकलने और जंगल से सटे इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। वन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।