श्रीनगर
कश्मीर घाटी में इस वर्ष बसंत ऋतु के संकेत सामान्य से पहले ही दिखाई देने लगे हैं। फरवरी और मार्च के पहले सप्ताह में असामान्य रूप से अधिक तापमान के कारण घाटी में बादाम के पेड़ों पर समय से पहले ही फूल खिल उठे हैं। श्रीनगर स्थित ऐतिहासिक बदामवारी गार्डन इन दिनों गुलाबी-सफेद बादाम के फूलों से ढक गया है, जिसने घाटी में बसंत के आगमन का सुंदर संदेश दे दिया है।
लगभग 300 कनाल (करीब 20 एकड़) क्षेत्र में फैला यह ऐतिहासिक बाग, जो हरी पर्वत किले की तलहटी में स्थित है, हर साल वसंत ऋतु में सबसे पहले खिलने वाले बादाम के फूलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बादाम के अलावा नाशपाती, आड़ू और प्लम के पेड़ भी लगे हुए हैं, जो इस समय पूरी तरह फूलों से लदे हुए हैं और पर्यटकों के लिए मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।

हालांकि फूलों का समय से पहले खिलना एक ओर पर्यटन के लिए खुशखबरी है, वहीं दूसरी ओर बागवानों के लिए चिंता का कारण भी बन गया है। बाग मालिकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अचानक खराब हुआ—जैसे अत्यधिक गर्मी, बारिश या बर्फबारी—तो इन नाजुक फूलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे फलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
दूसरी ओर, पर्यटन उद्योग इस समय बेहद उत्साहित है। बदामवारी गार्डन में इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। फूलों की छांव में सजा यह ऐतिहासिक बाग मानो प्राकृतिक सौंदर्य की चादर ओढ़े हुए है। इसी उत्साह को देखते हुए प्रशासन यहां स्प्रिंग फेस्टिवल आयोजित करने की तैयारी भी कर रहा है।
फ्लोरीकल्चर विभाग की निदेशक मथोरा मसूम के अनुसार, कश्मीर में बसंत की शुरुआत का सबसे पहला संकेत बदामवारी में खिलने वाले बादाम के फूल ही होते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बाग में नई पगडंडियां बनाई गई हैं, सजावटी गमले लगाए गए हैं और लगभग 300 नए बादाम के पेड़ भी लगाए गए हैं। साथ ही फव्वारों और जलस्रोतों को भी फिर से चालू किया गया है, जिससे बाग की खूबसूरती और बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान जम्मू-कश्मीर हस्तशिल्प विभाग के सहयोग से यहां स्थानीय कारीगरों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां पारंपरिक हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित और बेची जाएंगी। इसके अलावा पंजीकृत पौधा उत्पादकों को भी पौधे, गमले और पौधों की नर्सरी सामग्री बेचने के लिए स्टॉल दिए जाएंगे, ताकि पर्यटक यहां की हरियाली की याद अपने साथ ले जा सकें।
महाराष्ट्र से आए पर्यटक विनय ने कहा, “यह जगह बेहद खूबसूरत है। कश्मीर सचमुच जन्नत जैसा लगता है। हर मौसम में इसकी अपनी अलग ही खूबसूरती है। तस्वीरों में जो देखा था, उससे कहीं ज्यादा सुंदर यह जगह वास्तविकता में दिखाई देती है।”
एक अन्य पर्यटक ने कहा, “यह मेरी बदामवारी की पहली यात्रा है और यहां आकर मैं बेहद खुश हूं। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो देखे थे, लेकिन असल में इसकी खूबसूरती कहीं ज्यादा अद्भुत है। कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का कोई मुकाबला नहीं।”
पर्यटक देवयानी ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बदामवारी गार्डन में आयोजित होने वाले स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान यहां आएं और इस ऐतिहासिक स्थल की खुशबू, रंगों और जीवंतता का आनंद लें।
समय से पहले खिली इन बादाम की कलियों ने जहां कश्मीर की वादियों को और भी मनमोहक बना दिया है, वहीं यह दृश्य पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहा है।