IIT रुड़की में डोभाल बोले- आप सबसे भाग्यशाली पीढ़ी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 19-09-2026
Doval at IIT Roorkee: You are the luckiest generation.
Doval at IIT Roorkee: You are the luckiest generation.

 

आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली  

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 2,701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि समारोह में विशिष्ट अतिथि रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और आईआईटी रुड़की के निदेशक के.के. पंत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
 
अपने संबोधन में अजित डोभाल ने स्नातक विद्यार्थियों को वर्तमान दौर में उपलब्ध तकनीकी और वैश्विक अवसरों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक हजार वर्षों के संदर्भ में आज की पीढ़ी को अनेक अवसर उपलब्ध हैं और दुनिया में तकनीक तेजी से बदलाव की प्रमुख शक्ति बन रही है। डोभाल ने कहा, “पिछले 1,000 वर्षों में आप सबसे भाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिसे इतने अवसर मिलने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि तकनीक आने वाले समय में किसी भी देश और समाज की प्रगति का प्रमुख आधार होगी।
 
सिक्किम मिशन का सुनाया अनुभव

दीक्षांत समारोह के दौरान अजित डोभाल ने अपने शुरुआती खुफिया सेवा के दिनों का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने सिक्किम में तैनाती के दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की गतिविधियों पर नजर रखने और सीमा क्षेत्रों में खुफिया जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बार सीमा क्षेत्र में भेजी गई खुफिया टीम निर्धारित समय पर वापस नहीं लौटी। कई दिन बीतने के बाद उन्हें पता चला कि टीम के सदस्य चीनी सेना की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की गई है। बाद में बातचीत और संभावित वार्ता के बाद उन्हें वापस भारत लाया गया।
 
डोभाल ने बताया कि घटना के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हुई और उस समय उन्हें लगा था कि शायद उनका करियर समाप्त हो जाएगा। हालांकि, जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से उपलब्ध कराए गए नक्शों और स्केच में कुछ गलतियां थीं, जिसके कारण यह घटना हुई।
 
हरीश साल्वे ने लोकतंत्र और स्वतंत्रता को लेकर किया आगाह

समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों और विश्व व्यवस्था में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए युवाओं से स्वतंत्रता और लोकतंत्र को कभी हल्के में न लेने की अपील की। साल्वे ने कहा कि आज की पीढ़ी ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जब दुनिया खुद को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी वैश्विक व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहा है और आने वाले समय में तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
 
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नई विश्व व्यवस्था के निर्माण में उनकी बड़ी जिम्मेदारी होगी और तकनीक इस बदलाव के केंद्र में रहेगी। दीक्षांत समारोह के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी दुनिया, वैश्विक परिस्थितियों और उनके सामने आने वाली नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।